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ब्यौहारी में आजाद समाज पार्टी की हुंकार, सरकारी अभिलेखों में हरिजन शब्द पर पूर्ण रोक की मांग
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कैलाश अहिरवार
राजनीति
📅 10 Aug 2026, 10:56 AM🕐 10 Aug 2026⏱ पढ़ने का समय: 1 मिनट
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ब्यौहारी में आजाद समाज पार्टी की हुंकार, सरकारी अभिलेखों में 'हरिजन' शब्द पर पूर्ण रोक की मांग
ब्यौहारी (शहडोल) - 9 अगस्त 2026 को विश्व आदिवासी एवं मूलनिवासी दिवस के अवसर पर, भीम आर्मी भारत एकता मिशन और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) द्वारा ब्यौहारी में एक विशाल अधिकार रैली का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से आदिवासी और मूलनिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों, स्वाभिमान और स्थानीय जनहित के मुद्दों को प्रशासन के समक्ष पूरी दृढ़ता और गंभीरता के साथ उठाया गया।
प्रमुख मांगें और उठाए गए मुद्दे -
1. 'हरिजन' शब्द के प्रयोग पर तत्काल रोक कार्यक्रम में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के शहडोल जिला उपाध्यक्ष, एडवोकेट राजेंद्र प्रसाद साकेत ने एक बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकारी दफ्तरों, शासकीय अभिलेखों, बस्तियों और सार्वजनिक स्थानों पर "हरिजन" शब्द के उपयोग पर सख्त पाबंदी लगाने की मांग की।
प्रशासन से अपील - उन्होंने स्पष्ट किया कि इस शब्द के बजाय केवल सम्मानजनक और संवैधानिक शब्दावली का प्रयोग किया जाना चाहिए। प्रशासन से मांग की गई कि पूरे जिले में विशेष सर्वेक्षण कराकर उन सभी सरकारी स्थानों व बोर्डों को हटाया जाए या नाम बदला जाए, जहां आज भी यह असंवैधानिक शब्द अंकित है।
2. टंकी तिराहा बने "बिरसा मुंडा तिराहा"
आदिवासी महापुरुषों के सम्मान में, नगर ब्यौहारी के 'टंकी तिराहा' का नामकरण आदिवासी जननायक भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर करने की मांग की गई। साथ ही, इसी तिराहे पर उनकी एक भव्य प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव भी प्रशासन को सौंपा गया।
3. ग्रामीण अंचलों में शिक्षा, बिजली और पोषण की बदहाली पर चिंता
रैली में ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी समस्याओं को भी प्रमुखता से रेखांकित किया गया - ग्राम पंचायत सतखुरी विद्यालय में रसोइया की नियमित नियुक्ति, मध्यान्ह भोजन की सुचारू व्यवस्था, शौचालय निर्माण और विद्यालय की भूमि को अतिक्रमण से बचाने के लिए तत्काल बाउंड्रीवॉल बनवाने की मांग की गई।
ग्राम पपोढ़ एवं महादेवा - क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती, जर्जर विद्युत लाइनों व खंभों को बदलने और आवश्यकतानुसार नए ट्रांसफॉर्मर लगाने की मांग उठी।
आंगनवाड़ी में लापरवाही - ग्राम पपोढ़ के आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों को निर्धारित पौष्टिक भोजन न मिलने के मामले को गंभीरता से लेते हुए, इसकी उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई।
"आदिवासी दिवस केवल उत्सव नहीं, अधिकारों की लड़ाई है"
कार्यक्रम के दौरान भीम आर्मी के जिला प्रवक्ता सम्राट सानित, ब्लॉक संयोजक रामजाने साहू, युवा नेता चंद्रशेखर साकेत और पुष्पेंद्र साकेत समेत कई पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की जमीनी समस्याओं को मुखरता से रखा।
वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि विश्व आदिवासी एवं मूलनिवासी दिवस महज एक औपचारिकता या कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह समानता, गरिमा और संवैधानिक हकों की आवाज को बुलंद करने का ऐतिहासिक दिन है। अंत में, प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए यह चेतावनी भी दी गई कि प्रस्तुत किए गए जनहित के इन सभी संवेदनशील मुद्दों पर त्वरित जांच कर शीघ्र निराकरण किया जाए,अन्यथा संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।