ग्राम पंचायत रिमार में भ्रष्टाचार की पुलिया गुणवत्ता विहीन निर्माण से बाहर आने लगी गिट्टियां, सरकारी राशि का सरेआम दुरुपयोग

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पुलिया 

 



शहडोल। जनपद पंचायत जयसिंहनगर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत रिमार में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी बजट को ठिकाने लगाने का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ बनाई गई पुलिया निर्माण में तकनीकी मापदंडों और गुणवत्ता को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है, जिससे पहली ही नजर में निर्माण कार्य अत्यंत कमजोर और घटिया प्रतीत हो रहा है।
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 पुलिया से निकले गिट्टी के टुकड़े

 


​जल्दबाजी में हुआ निर्माण, बिखरने लगी गिट्टियां

​स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पुलिया का निर्माण बेहद जल्दबाजी में और बिना किसी ठोस बेस के कर दिया गया। आलम यह है कि कुछ ही समय में पुलिया से बड़ी-बड़ी गिट्टियां उखड़कर बाहर आने लगी हैं। निर्माण की यह बदहाली साफ बयां करती है कि इसमें प्रयुक्त सीमेंट और अन्य सामग्रियों का अनुपात सही नहीं था।

​50-50 मीटर पर बना दीं चार पुलिया

​हैरानी की बात यह है कि इस मार्ग पर नियोजन की भारी कमी देखने को मिल रही है। महज 50 मीटर की दूरी के बाद फिर एक पुलिया का निर्माण कर दिया गया है। इस तरह एक ही सड़क पर कुल चार पुलिया तान दी गई हैं। सबसे तकनीकी खामी यह है कि जहाँ ये पुलिया बनाई गई हैं, वहाँ पानी की निकासी का कोई भी मार्ग या रास्ता मौजूद नहीं है। ऐसे में बिना जलभराव की स्थिति के इतनी संख्या में पुलिया निर्माण करना सीधे तौर पर 'कमिशनखोरी' और सरकारी धन की बर्बादी की ओर इशारा करता है।

​सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक की मिलीभगत के आरोप

​ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे गोरखधंधे में ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव और सहायक रोजगार की आपसी मिलीभगत है। शासन द्वारा जनकल्याण और ग्रामीण विकास के लिए भेजी जाने वाली राशि का इस तरह बंदरबांट किया जा रहा है। बिना किसी आवश्यकता और बिना तकनीकी मापदंडों के सिर्फ कागजी खानापूर्ति और राशि आहरण के उद्देश्य से यह घटिया निर्माण कराया गया है।
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​केशव अहिरवार (ग्रामीण)

​जांच और कार्रवाई की मांग

​केशव अहिरवार ने जिला प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि ग्राम पंचायत रिमार में हुए इस निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए। मौके पर आकर पुलिया की गुणवत्ता को परखा जाए और दोषी सरपंच, सचिव व रोजगार सहायक के खिलाफ शासकीय धन के गबन का मामला दर्ज कर उचित दंडात्मक कार्रवाई की जाए।