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जनपद से लेकर जिला पंचायत के अधिकारी दो उपयंत्रियों पर बरसा रहें मेहरबानी
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📅 02 Jun 2026, 8:26 AM🕐 02 Jun 2026⏱ पढ़ने का समय: 1 मिनट
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जनपद से लेकर जिला पंचायत के अधिकारी दो उपयंत्रियों पर बरसा रहें मेहरबानी
लगातार जांच की मांग एवं खबरों के प्रकाशन के बाद भी उपयंत्री बने बादशाह
शहडोल। जहाँ आये दिन जिला पंचायत शहडोल व जनपद पंचायतो में बैठकर का सिलसिला जारी रहता है उसकें बाद भी इन बैठकों में किस तरह की चर्चाए होंतीं होंगी क्योंकि उसकें बाद भीं क्षेत्रों में गुणवत्ताविहीन कार्य,कार्य में लीपापोती व सम्बन्धित अधिकारियों कें पास दस्तावेज ना होना। यह एक बहुत बड़ा सवाल बनता जा रहा हैं। इसी लापरवाही कें कारण जनपद पंचायत जयसिंहनगर के उपयंत्री हिमेंद्र पटले एवं मनोज शुक्ला सें जनपद से लेकर जिला पंचायत के अधिकारी दबें हुए है। जिसकें कारण इनकों संरक्षण दिया जा रहा हैं। जिनके कार्यों को लेकर लगातार खबरों की सुर्खियां बनती जा रही हैं वहीं जनपद से लेकर जिले तक के अधिकारी सिर्फ नजर हटाकर मूक दर्शक बने बैठे हैं ऐसा लग रहा है कि उनके आगे अधिकारी नत मस्तक हैं इनके बारे में जानते तो सब है पर कार्यवाही करना मुश्किल पड़ रहा है यह मुश्किल किस वजह से है पहुंच,पावर या फिर पैसा जिस पर अधिकारी अपने कार्य के प्रति ईमानदारी दिखाने में संकोच कर रहे हैं। वजह या तो अधिकारी जानते हैं या फिर भ्रष्ट उपयंत्री। जहां आवेदक द्वारा उपयत्रियों की जांच शिकायत करने के बाद स्वयं में ग्लानि महसूस कर रहा है कि शहडोल जिले में ऐसे भी अधिकारी हैं जो कार्यवाही करने में सक्षम नहीं है अगर जनपद से लेकर जिला पंचायत के अधिकारियों में कार्यवाही करने की हिम्मत नहीं है तो फिर क्षेत्र में नियमों के आडंबर का दिखावा क्यों किया जाता है क्या यह सिर्फ इसलिए की लोगों को धोखा दिया जा सके। जिला पंचायत शहडोल की बात करें तो इनके पास कई जनपद पंचायत के साथ उपयांत्रियों की भरमार है पर जब इनके द्वारा दो उपयंत्री के क्षेत्र में भ्रष्टाचार की जांच नहीं करवा पा रहे तो इनसे बाकी कैसे संभाले जाते होंगे समझ से परे है कि जनपद में की गई शिकायतें इन तक पहुंचती है या फिर जनपद में जंग खाकर नष्ट हों जाती हैं। जनपद की लापरवाही की भरपाई इन्हें करनी पड़ती है
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मतलब उनके द्वारा स्वयं जनपद के अधिकारियों को छूट दी गई है या पसीनें छूट रहें है कि कार्यवाही नहीं करनी है पर शायद इन्हें यह नहीं पता कि न्याय सबकें लिए है।जहां सूत्रों की माने तो शहडोल जिले की जनपद पंचायत मध्य प्रदेश में अपना परचम लहरा रही है उसके बाद भी भ्रष्ट अधिकारियों को ये बात समझ में नहीं आ रही। एक तरफ इन जैसे भ्रष्ट उपयंत्री के कारनामे गली-गली में गूंजतें जा रहे हैं उसके बाद भी जनपद पंचायत का परचम लहरा रहा है। जिससें यह प्रतीत हों रहा हैं कि जनपद पंचायत विकाश का चोला ओढ़कर जनपद पंचायत अंतर्गत आनें वालें आमजनमान कों भ्रमित करनें का प्रयास किया जा रहा हैं।