काली फिल्म पर आम जनता का चालान, चर्चित कबाड़ी पर मेहरबानी क्यों?
विशेष वाहन चेकिंग अभियान में काली फिल्म लगी गाड़ी पर कार्रवाई नहीं होने से लोगों में चर्चा, निष्पक्षता पर उठे प्रश्न
दिनेश चौधरी
धनपुरी जिला पुलिस कप्तान के निर्देश पर बाघईया पुल के पास चल रहे विशेष वाहन चेकिंग अभियान के दौरान चर्चित कबाड़ी फिरोज उर्फ पप्पू टोपी की काली फिल्म लगी एसयूवी पर कोई कार्रवाई नहीं किए जाने की चर्चा पूरे क्षेत्र में बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब आम नागरिकों के वाहनों पर नियमों के तहत तत्काल चालानी कार्रवाई की जाती है, तो इस मामले में अलग रवैया क्यों अपनाया गया? स्थनीय समाचार पत्र के प्रतिनिधि ने इस मामले को संज्ञान लिया तब पुलिस द्वारा चालानी कार्रवाई की गई लेकिन उक्त कबाड़ी की गाड़ी में लगी हुई फिल्म को नहीं निकाला गया
बताया जाता है कि फिरोज उर्फ पप्पू टोपी के विरुद्ध जिले के विभिन्न थानों में कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। ऐसे में विशेष जांच अभियान के दौरान उसकी गाड़ी से काली फिल्म तक न उतरवाया जाना लोगों के बीच कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है।
क्षेत्र में यह चर्चा है कि यदि प्रभावशाली या चर्चित व्यक्तियों पर नियमों का समान रूप से पालन नहीं कराया जाएगा, तो आम जनता के बीच कानून के प्रति क्या संदेश जाएगा? क्या अपराध के मामलों में नाम सामने आने वाले लोगों के प्रति भी पुलिस का रवैया इतना ही नरम रहेगा? यदि ऐसा होता है तो इससे कानून के समान अनुपालन और पुलिस की निष्पक्षता पर स्वाभाविक रूप से प्रश्न उठना लाज़िमी है।
लोगों का कहना है कि कानून सबके लिए समान होना चाहिए। यदि किसी वाहन में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो कार्रवाई व्यक्ति की पहचान या प्रभाव देखकर नहीं, बल्कि कानून के अनुसार होनी चाहिए। यही निष्पक्ष पुलिस व्यवस्था की पहचान भी है।



