कुकदा नाला बना मुसीबत: उफान के बाद कई घरों में घुसा पानी, जनजीवन अस्त-व्यस्त
भूपेन्द्र यादव
जांजगीर चांपा -- जिले में बीते कई दिनों से जारी अनवरत झमाझम बारिश ने पूरे क्षेत्र को जलमग्न कर दिया है। बारिश के कारण न केवल जनजीवन की रफ्तार थम गई है, बल्कि नदियों और नालों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। इस प्राकृतिक आपदा का सबसे बुरा असर कुकदा नाले के आसपास के क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते कुकदा नाले ने अपना रौद्र रूप धारण कर लिया है। नाले का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि इसका पानी अब रिहायशी इलाकों में घुसने लगा है। विशेष रूप से बोरदा और कामता गांव में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जहाँ कई घरों में पानी भरने से लोगों का सामान बर्बाद हो गया है और उन्हें सुरक्षित स्थानों की तलाश करनी पड़ रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जलभराव के कारण न केवल घरों का नुकसान हुआ है, बल्कि पशुधन और दैनिक जरूरतों की सामग्री भी प्रभावित हुई है। एक तरफ जहां बाढ़ का पानी लोगों की रातों की नींद उड़ा रहा है, वहीं दूसरी तरफ मौसम में अचानक आए बदलाव ने कंपकंपी बढ़ा दी है। दिन भर की बारिश के बाद शाम ढलते ही तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। लोग भीषण बारिश और ठंड के दोहरे प्रकोप से जूझने को मजबूर हैं, जिससे विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति गहरा रोष और चिंता है। ग्रामीणों का आरोप है कि नाले के उफान पर होने के बावजूद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू करने की मांग की है। साथ ही, जलभराव वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीम की तैनाती और प्रभावित परिवारों के लिए भोजन-आश्रय की व्यवस्था करने की अपील की गई है। क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि इस आपदा की गंभीरता को देखते हुए आपदा प्रबंधन की टीम को अलर्ट पर रखा जाए ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को टाला जा सके।