नीट अभ्यर्थियों को निःशुल्क विधिक परामर्श देंगे एडवोकेट डॉ. मोहन तिवारी


नीट आंदोलन के बीच छात्रों एवं अभिभावकों को जनहित में कानूनी सहायता देने की घोषणा



नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) को लेकर देशभर में जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच छात्रों की सुरक्षा, संवैधानिक अधिकारों और कानूनी संरक्षण को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विभिन्न स्थानों से सामने आए घटनाक्रमों के बाद शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जागरूक नागरिकों ने छात्रों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनने तथा संवाद और कानूनसम्मत प्रक्रिया के माध्यम से समाधान निकालने की आवश्यकता पर बल दिया है।

इसी क्रम में फरीदाबाद सेक्टर-12 निवासी अधिवक्ता एवं समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी ने घोषणा की है कि यदि दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम अथवा फरीदाबाद में नीट से संबंधित किसी शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान किसी छात्र, छात्रा अथवा उनके अभिभावकों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया जाता है, गिरफ्तार किया जाता है अथवा किसी प्रकार की कानूनी सहायता की आवश्यकता होती है, तो उन्हें जनहित में निःशुल्क प्रारंभिक विधिक परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।

अधिवक्ता डॉ. मोहन तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को कानून के दायरे में रहकर अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने का अधिकार है। ऐसे मामलों में कानून द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना आवश्यक है और किसी भी छात्र या अभिभावक को विधिक जानकारी के अभाव में कठिनाई का सामना नहीं करना चाहिए।

उन्होंने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित छात्र-छात्राएं अथवा उनके अभिभावक मोबाइल: 9560417871, 9971909847 तथा लैंडलाइन: 0129-2268668 पर संपर्क कर सकते हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पहल केवल नीट अभ्यर्थियों एवं उनके अभिभावकों के लिए जनहित के उद्देश्य से निःशुल्क प्रारंभिक विधिक परामर्श उपलब्ध कराने हेतु की गई है। प्रत्येक मामले में उपलब्ध तथ्यों, संबंधित कानून एवं परिस्थितियों के आधार पर ही विधिक परामर्श प्रदान किया जाएगा।