पेंशनधारी हितग्राही कार्यालय की चक्कर लगा लगाकर हो चुके अधमरे
भैयालाल चर्मकार
1. वृद्धा पेंशन शुद्दी कोल पति स्व. जग्गा कोल उम्र 75 वर्ष निवासी ग्राम पोंडी़कलाॅ
2. विकलांग पेंशन होल्कारी कोल पिता रामधनी कोल उम्र 55 वर्ष निवासी ग्राम पोंडी़कलाॅ
3. विकलांग पेंशन लोला पाल पिता पन्नू पाल उम्र 65 वर्ष निवासी ग्राम पोंडी़कलाॅ
4. इसी तरह से ग्राम पोंडी़कलाॅ में कई ऐसे ही पेंशनधारी पात्र हितग्राही है जिन्हें पेंशन नहीं मिल रहा है
पेंशनधारी हितग्राहियों का कहना है
पंचायत कार्यालय जाने पर कोई अधिकारी कर्मचारी मिलता नहीं है उनके घर में जाने पर भी काम नहीं होता क्योंकि वह अपने निजी व्यवसाय में इतने लिफ्ट है कि किसी की कोई बात सुनने का टाइम नहीं है कागज़ रख लेते हैं और कूड़ा दान में फेंक देते हैं दूसरी बार जाने पर पुनः कागज मांगते हैं फिर कागज देने पर बार-बार यही प्रक्रिया तीन-चार साल से चल रही है हम अंधे लंगड़े लूले लोग रास्ते में भटक रहे हैं हमको लाने ले जाने वाला कोई नहीं है हम भूखे पियासे ऐसे ही भटकते भटकते शमशान घाट पहुंच जाएंगे लेकिन हमें शासन की योजना का कोई लाभ नहीं मिलेगा इन अधिकारियों के रहते हमें तो लगता है कि शासन और प्रशासन मिलकर हम गरीबों के साथ अंधे बहरे लूले लंगडो के साथ मिलकर घोर अत्याचार और शोषण कर रहे हैं
वार्ड मेम्बरो का कहना है कि
हम पंच लोग जितने भी वार्ड कि समस्या विकलांग धारी लोग हैं सभी जानकारी ग्राम पंचायत तक पहुंचाते हैं लेकिन जब कोई शासन द्वारा नई योजना की लिए बुलाया जाता है विकलांग प्रमाण पत्र के लिए डॉक्टर के पास में विकलांग धारी को तो सचिव द्वारा हट्टे कट्टे लोगों को गाड़ी में बिठाकर ले जाते हैं और बोल दिया जाता है कि यहां कोई विकलांग धारी नहीं है इस तरह से सभी पात्र हितग्राही लोग ऐसी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं
पेंशन हितग्राहियों के परिजनों क कहना है कि
ग्रामीण व परिजनों का कहना है कि अंध्धे लूले लंगड़े को लेजाकर के दिन भर भूखे प्यासे बैठे रहते हैं ग्राम पंचायत में लेकिन हमारा कोई सुनने वाला नहीं कई बार ग्राम सभा में लेकर गए वहां कोई सुनने को तैयार नहीं है कोई काम करने वाला नहीं है जिस काम में अधिकारियों को मोटी कमाई होती है वही काम करते हैं पेंशन में उनको कुछ मिलने वाला है नहीं इसलिए हमारा काम नहीं हो रहा है हमारे पांव की चप्पल घिस गई कार्यालय की चक्कर लगाते लगाते
जिला प्रशासन से हमारी उम्मीदें
हम समाचार पत्र के माध्यम से माननीय कलेक्टर महोदय से निवेदन हैं कि ग्राम पंचायत पोंडी़कलाॅ में सैकड़ो अंधे हरिजन आदिवासी गरीब लंगड़े लूले बहरे पेंशन नहीं पाने वाले हितग्राही है एकदिवसीय शिविर लगाकर विकलांगों के विधवा वृद्धा कन्याविभावक पेंशन बनवाए जाएं
