सरकारी दफ्तरों व संस्थानों में “हरिजन” शब्द के प्रयोग पर रोक की मांग, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने उठाई आवाज
ब्यौहारी। विश्व आदिवासी एवं मूलनिवासी दिवस के अवसर पर 9 अगस्त 2026 को भीम आर्मी भारत एकता मिशन एवं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के माध्यम से रैली का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान आदिवासी एवं मूलनिवासी समाज के अधिकार, सम्मान, संवैधानिक गरिमा एवं विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर प्रशासन के समक्ष मजबूती से आवाज उठाई गई।
कार्यक्रम में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट राजेंद्र प्रसाद साकेत, जिला शहडोल ने विशेष रूप से सरकारी दफ्तरों, सरकारी संस्थानों, शासकीय अभिलेखों, बस्तियों एवं सार्वजनिक स्थानों पर “हरिजन” शब्द के प्रयोग पर रोक लगाने की मांग प्रमुखता से उठाई।
उन्होंने कहा कि सरकारी एवं सार्वजनिक स्तर पर ऐसे शब्दों के स्थान पर सम्मानजनक एवं संवैधानिक शब्दावली का प्रयोग किया जाना चाहिए। साथ ही जिले में सर्वेक्षण एवं जांच कराकर जहां-जहां सरकारी संस्थानों अथवा सार्वजनिक स्थानों पर “हरिजन” शब्द अंकित है, वहां आवश्यक कार्रवाई करते हुए सम्मानजनक नामकरण किए जाने की मांग प्रशासन के समक्ष रखी गई।
भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर तिराहा करने की मांग
कार्यक्रम में नगर ब्यौहारी के टंकी तिराहा पर आदिवासी जननायक भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित करने तथा टंकी तिराहा का नाम “बिरसा मुंडा तिराहा” किए जाने की मांग भी रखी गई।
विद्यालय, बिजली और आंगनवाड़ी की समस्याएं भी उठीं
ग्राम पंचायत सतखुरी के विद्यालय में रसोइया की नियुक्ति, नियमानुसार मध्यान्ह भोजन, शौचालय की व्यवस्था एवं विद्यालय की भूमि को अतिक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए बाउंड्रीकरण कराने की मांग रखी गई।
ग्राम पपोढ़ एवं महादेवा में लगातार बिजली कटौती, जर्जर विद्युत लाइन एवं खंभों को बदलने तथा आवश्यकता के अनुसार नए ट्रांसफॉर्मर लगाने की मांग भी उठाई गई। वहीं ग्राम पपोढ़ की आंगनवाड़ी में बच्चों को निर्धारित भोजन नहीं मिलने के मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की गई।
पदाधिकारियों एवं युवाओं ने भी रखी अपने क्षेत्रों की समस्याएं
कार्यक्रम के दौरान भीम आर्मी भारत एकता मिशन एवं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के पदाधिकारियों एवं युवा कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इस दौरान सम्राट सानित भीम आर्मी जिला प्रवक्ता; चंद्रशेखर साकेत; पुष्पेंद्र साकेत; रामजाने साहू, ब्लॉक संयोजक भीम आर्मी सहित कई पदाधिकारियों एवं युवाओं ने अपने क्षेत्र से जुड़े जनहित के मुद्दे सामने रखे।
वक्ताओं ने कहा कि विश्व आदिवासी एवं मूलनिवासी दिवस केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अधिकार, सम्मान, समानता और संवैधानिक हक की आवाज को मजबूती से उठाने का अवसर है।
कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन से मांग की गई कि प्रस्तुत जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक जांच एवं कार्रवाई कर समस्याओं का शीघ्र निराकरण कराया जाए।



