सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग, विधायक मद से मिला टैंकर तालाब में डुबोया, लाखों की संपत्ति कबाड़

 कोमल प्रसाद कुशवाहा

बुढ़ार / शहडोल। ग्राम पंचायतों में पानी की किल्लत दूर करने के लिए सरकार लाखों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन बुढ़ार जनपद अंतर्गत ग्राम कमता के बसोरहान टोला में जिम्मेदारों की लापरवाही ने शासन की मंशा पर ही पानी फेर दिया है।

 क्या है मामला

ग्रामीणों को पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विधायक मद से ग्राम पंचायत कमता को एक पानी का टैंकर सौंपा गया था। यह टैंकर गांव में पानी सप्लाई के लिए था, लेकिन महीनों से इसका उपयोग करने के बजाय इसे तालाब में ही छोड़ दिया गया।

तालाब के सीढ़ी निर्माण के बाद ठेकेदार और पंचायत कर्मियों द्वारा टैंकर को तालाब से बाहर निकालने की जहमत तक नहीं उठाई गई। पानी में पड़े-पड़े टैंकर में जंग लग गई है और अच्छी-खासी सरकारी संपत्ति आज कबाड़ में तब्दील हो चुकी है।

ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में पदस्थ सचिव की अनदेखी के चलते यह स्थिति बनी है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार शिकायत के बाद भी टैंकर को तालाब से बाहर नहीं निकाला गया।

बड़े सवाल

 जब टैंकर ग्रामीणों को पानी पिलाने के लिए था, तो उसे तालाब में क्यों डुबोया गया?

 लाखों की सरकारी संपत्ति को कबाड़ बनाने वाले जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी?

क्या जनपद पंचायत बुढ़ार इस पूरे मामले की जांच कराएगा?

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनपद पंचायत सीईओ से मांग की है कि मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और टैंकर को सुधार कर फिर से ग्रामीणों की सेवा में लगाया जाए।